सुप्रीम कोर्ट सीएए सुनवाई : कोर्ट ने कानून पर रोक लगाने से किया मना
सुप्रीम कोर्ट सीएए सुनवाई : सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ दायर याचिकाओं पर जवाब प्रस्तुत करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। शीर्ष अदालत ने 22 जनवरी, 2020 को 140 से अधिक एंटी-सीएए दलीलों की सुनवाई के दौरान अपने फैसले की घोषणा की।
याचिकाओं पर सीजेआई एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सुनवाई की। पीठ ने दलीलों को सुनने के लिए एक विशेष संविधान पीठ स्थापित करने का संकेत दिया। शीर्ष अदालत की खंडपीठ ने हालांकि नागरिकता (संशोधन) कानून पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया।
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सुप्रीम कोर्ट सीएए सुनवाई : मुख्य बातें
सुनवाई के दौरान, अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह सीएए कानून के खिलाफ आगे की याचिकाओं को दाखिल करने से रोक दें, क्योंकि 140 से अधिक याचिकाएं पहले ही दायर की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग सुनना चाहते हैं वे हस्तक्षेप आवेदन दायर कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने ताजा एंटी-सीएए दलीलों पर केंद्र को एक नया नोटिस जारी करते हुए कहा कि यह मामले के प्रक्रियात्मक मुद्दे पर एक इन-चीफ सुनवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से चार सप्ताह के भीतर याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत ने हालांकि कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
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अदालत ने याचिकाओं पर सुनवाई के लिए विशेष संविधान पीठ गठित करने का संकेत दिया। पीठ मामलों की सुनवाई के लिए अनुसूची तैयार करेगी और अंतरिम आदेशों को पारित करने के लिए 5 सप्ताह के बाद मामले उठाएगी।
अटॉर्नी जनरल ने कहा कि केंद्र ने एक प्रारंभिक हलफनामा तैयार किया है, जिसे आज दायर किया जाएगा। उन्होंने आगे तर्क दिया कि अदालत को कुछ निर्देश जारी करना है कि कौन अदालत में आ सकता है, कुछ नियमों को तय किया जाना चाहिए क्योंकि शीर्ष अदालत के अंदर का माहौल शांत होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट और पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में कोर्ट रूम के अंदर आगंतुकों के लिए नियम हैं। CJI ने कहा कि अदालत सरकार से कुछ अस्थायी परमिट जारी करने के लिए कह सकती है। फिलहाल कानून पर कोई रोक नहीं है जिससे सरकार आगे और विपक्ष पीछे चल रहा है।

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

